ufaan...
vicharon ka veg...
शुक्रवार, 27 अप्रैल 2012
ख्वाब सहम जाएं जब हक़ीकत के दर्मयाने से,
तो ज़ज्बा ही है जो उम्मीदों को सहला देता है...
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