शनिवार, 25 जून 2011

मन की कौन जाने...

 इस विषय पर मन म इतना उफान है की विचारों को खुलकर सामने आने का रास्ता ही नहीं मिल रहा.

दोराहे और फैसले

 जीवन के रास्ते  कितने अनोखे हैं न.  और इन रास्तों मैं सबसे अनोखे और रोमांचकारी होते हैं दोराहे. कितने तनावभरे और थका देने वाले होते हैं ये दोराहे.  दोराहे पर पहुँच कर आपको अपने विवेक बुद्धि की जोर आजमाईश  करके  एक फैसला लेना होता हैं. वो फैसला गलत हुआ तो आपकी ज़िन्दगी मैं भारी  बदलाव आएगा और अगर सही हुआ तो भी भारी  बदलाव आएगा. पर दोनों हालत मैं आये बदलाव एक दुसरे  के बिलकुल विपरीत होंगे. इस मोड़ पर आकर बड़े के बड़े धुरंदर हाथ मरोड़ते नज़र आते हैं. ऐसे मैं इन दोराहों के शूरवीर सिर्फ वही बन पाते हैं, जिन्हें विश्वास हैं अपने आप पर और अपने फैसलों पर...

जय हिंद