इस हजुमेहैरां में हम जो सबसे आगे है,
चाँद के मुसाफिर हैं मगर चांदनी से भागे हैं...
मेरे पापा द्वारा लिखी गई चंद पंक्तियाँ...
चेहरे पर ज्ञान का तेज और आव- भाव में सादगी... प्रतिभाशाली व्यक्तित्व के कुछ ऐसे ही गुणों से मेरा सामना हुआ... बतौर विज्ञान पत्रकार मेरी मुलाकात कुछ वरिष्ट वैज्ञानिकों से हुई जिन्होने मेरे नज़रिेए पर गहरी चाप छोड़ी ...
पहली बार किसी महान वैज्ञानिक से आमने सामने बात करना सच में एक अविस्मरणीय और अद्भुत 