ufaan...
vicharon ka veg...
रविवार, 31 जुलाई 2011
इस हजुमेहैरां में हम जो सबसे आगे है...
इस हजुमेहैरां में हम जो सबसे आगे है,
चाँद के मुसाफिर हैं मगर चांदनी से भागे हैं...
मेरे पापा द्वारा लिखी गई चंद पंक्तियाँ...
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