ufaan...
vicharon ka veg...
बुधवार, 9 मई 2012
घूंट पी लिया जाए....
मुंह से निकले अल्फाज़,
उम्रों का फंदा बन सकते है...
तो मुनासिब यही है के आलम,
घूंट पी लिया जाए....
मंगलवार, 8 मई 2012
अब ये बचपना दुखता है...
जाने कब हम चलना सीखेंगे,
फितरतों को पढ़ना सीखेंगे...
इतनी ठोकरे लगी घुटनों पे,
के अब ये बचपना दुखता है...
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