ufaan...
vicharon ka veg...
बुधवार, 14 अगस्त 2013
आपके हर सवाल पर लाजवाब हूँ मैं,
किसी को कुछ भी कहना हो तो शौक से कहें ?
कौन सी राह है जाने
कौन सी राह है जाने,
जाने कौन सी है डगर.…
साँझ ढलेगी जाने कब,
जाने कब होगी सहर …
अपनी सुनूँ या आप की,
उलझन का सरोकार है...
क्या करुँ उस मनमर्जी का,
जिससे सबको इनकार है…
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