ufaan...
vicharon ka veg...
बुधवार, 19 अक्टूबर 2011
निंदिया से ओझल आँखें,
अंसुअन से बोझिल आँखे...
कस के बंद कर रखी हैं आँखें,
अंधियारे से बेबस आँखें....
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