अपने प्यारे दोस्तों के नाम कुछ लिखने का मन कर रहा है. क्या लिखूंगी इस बारे मैं न कुछ सोचा न ही विचार किया. आज तो बस मन की ही चलेगी. मन की कलम से एक सन्देश दोस्ती के नाम...खुशनसीब हूँ मैं; क्योंकि मेरे हर गम हर ख़ुशी में कोई शरीक रहता है हमेशा,
ज़िन्दगी में सबसे बड़ी तस्सली यही है क तुम हो मेरे लिए हमेशा...हमेशा...
दुनिया के लिए चाहे जो भी हूँ पर तुम्हारे लिए मैं सदा मैं ही रही,
तभी तो मेरे हमसाये से मेरे वजूद को ताकत मिली हमेशा...हमेशा...
मेरे लम्हों की जागीर के तुम सबसे बेशकीमती हीरे हो ऐ दोस्त,
तुम जो साथ हो तो मैं इस दीन जहाँ मैं सबसे अमीर हूँ हमेशा...हमेशा...
अगर तुम न होते तो हम मन का उफ़ान किसको बगाते,
सिमट के रह जाते खुद में और रह जाती इक अनकही कसक हमेशा...हमेशा...
अन्जान थे हम तो खुद से भी तुमने ही तो हमें खोजा है,
तुम न होते तो हम इस नेमत से महरूम रह जाते हमेशा... हमेशा...
सच कहती हूँ प्यार तुमसे है जितना गुस्सा भी उतना ही आता है,
हम न सुधरेंगे तुम्हे हमारी नादानियों को ऐसे ही सहना होगा हमेशा..हमेशा...
बुरा मानो या भला पर तुम्हारा कोई भी एहसान नहीं हम मानते,
एहसान चीज़ ही क्या है तुम्हारे लिए तो जान भी हाज़िर है हमेशा...हमेशा...
तुमने कभी कुछ भी न जताया, इसकी कोई ज़रूरत भी नहीं,
शब्दों के लोकाचार तो दूरी पे रहते हैं हमसे हमेशा... हमेशा...
चाहे कोई लाख सुनाये; वक़्त ही चाहे कितना बरगलाए,
पर न बिसरुंगी न भटकूंगी पग-पग मिलाते तुम जो चलते हो हमेशा..हमेशा...
दोस्ती के फ़र्ज़ को तुमने; अपने हर नाते से बढकर समझा,
तुम संग इक अटूट नाता है जुड़ा, तुम रहोगे मेरे दोस्त हमेशा...हमेशा..
खुशनसीब हूँ मैं; क्योंकि मेरे हर गम हर ख़ुशी में कोई शरीक रहता है हमेशा,
ज़िन्दगी में सबसे बड़ी तस्सली यही है क तुम हो मेरे लिए हमेशा...हमेशा...
wah wah kya baat h ,,, duaa h k tu yesay he likhti rahe hamesa hamesa.........
जवाब देंहटाएंइस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएंबहुत खूब आपकी मेहनत कि जितनी तारिफ किया जाय कम है, अब आप उस रास्ते पर चल पड़े हो जहाँ से मंजिल कि शुरुआत होती है ...................
जवाब देंहटाएंagain thanks .............
जवाब देंहटाएंpadne ke liye shukriya... iski prerna tum log ho...
जवाब देंहटाएंtruely superb.. lov ya
जवाब देंहटाएंwah dost bahut achha hai ....
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